स्कॉट बोलैंड का प्रदर्शन देख क्यों मुस्कुरा रही होगी 1868 की ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट टीम?

11:17 PM Dec 28, 2021 |
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एशेज 2021-22 के तीसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को एक पारी और 14 रन से हरा दिया. इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने इस सीरीज पर भी अपना कब्ज़ा जमा लिया है. मैच के स्टार रहे डेब्यू कर रहे ऑस्ट्रेलियन पेसर स्कॉट बोलैंड. बोलैंड ने इस मैच की दूसरी पारी में महज़ चार ओवर में इंग्लैंड के छह बल्लेबाज़ों को पैवेलियन का रास्ता दिखाया. और इस बीच उन्होंने सिर्फ सात रन खर्च किए. आंकड़े देख समझ तो आ ही गया होगा कि बोलैंड ने कुछ बड़ा कांड कर दिया है. मगर कितना बड़ा, इसका अंदाजा बहुत कम लोगों को होगा. बोलैंड ने इस मैच में कुछ ऐसा कर दिया है, जिसे ऑस्ट्रेलिया के इतिहास में पीढ़ी दर पीढ़ी याद किया जाएगा. बोलैंड डेब्यू टेस्ट में पांच या उससे ज्यादा विकेट निकालने वाले पहले ऑस्ट्रेलियन आदिवासी क्रिकेटर बन गए हैं. इसके अलावा वे 1868 की ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट टीम के प्रतीक 'मुलाघ मेडल' को जीतने वाले पहले ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर भी बन गए हैं.

# छा गए बोलैंड

बोलैंड ने अब टेस्ट डेब्यू पर सबसे कम रन देते हुए पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है. बोलैंड से पहले ये रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के चार्ल्स टर्नर और साउथ अफ्रीका के वर्नन फिलेंडर के नाम था. टर्नर ने साल 1887 में इंग्लैंड के ही खिलाफ 15 रन देकर पांच विकेट निकाले थे. जबकि साल 2011 में फिलेंडर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इतने ही रन देते हुए फाइव विकेट हॉल हासिल किया था. बोलैंड के इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया. जिसके मिलते ही उनके नाम एक रिकॉर्ड और दर्ज हो गया. मैन ऑफ द मैच अवार्ड में उन्हें 'मुलाघ मेडल' मिला. तो चलिए अब आपको बताते हैं कि ये मुलाघ मेडल है क्या?

# क्या है 'The Mullagh Medal'

क्रिकेट में ऑस्ट्रेलियाई आदिवासियों के योगदान को सराहने और उससे सम्मानित करने के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया यानी CA ने ये कदम उठाया था. फैसला लिया गया कि बॉक्सिंग डे टेस्टके मैन ऑफ द मैच को 'द मुलाघ मेडल' नाम का एक तमगा दिया जाएगा. इस मेडल का नामकरण 1868 में पहला विदेशी दौरा करने वाली ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के कैप्टन रहे जॉनी मुलाघ के नाम पर किया गया था. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने साल 2019 में एक मिलाप एक्शन प्लान तैयार किया था. इस प्लान के अंतर्गत CA ना सिर्फ देश के आदिवासी लोगों के साथ क्रिकेट के रिश्ते बेहतर करना चाहता था, बल्कि इसके जरिए वह खेल में आदिवासी लोगों की उपलब्धियों को पहचान भी दिलाना चाहता था. ये तय हुआ कि 2020 से बाद जब भी ऑस्ट्रेलिया में बॉक्सिंग डे टेस्ट खेला जाएगा. तो उसके मैन ऑफ द मैच अवार्ड में मुलाघ मेडलदिया जाएगा. इसकी शुरुआत साल 2020-21 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से की गई. और इस मैच में कप्तानी करने वाले अजिंक्य रहाणे इस मेडल को पाने वाले पहले खिलाड़ी बने थे.

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