पड़ताल: 30 सितंबर से पहले वोटर आईडी, आधार से लिंक न हुआ तो क्या वोट नहीं दे पाएंगे?

07:39 PM Sep 26, 2019 |
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दावा

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि वोटर आईडी कार्ड को आधार लिंक करवा लें नहीं तो आप वोट नहीं दे पाएंगे. लिंक कराने की आख़िरी तारीख 30 सितंबर 2019 बताई जा रही है. ये दावा फेसबुक और वॉट्सऐप पर ख़ूब वायरल हो रहा है. हम बिना भाषाई सुधार के इस दावे को ज्यों का त्यों लिख रहे हैं.
आप सभी को सूचित किया जाता है कि अपने वोटर ईडी कार्ड ka का वेरिफिकेशन करा लें जिसके लिए अपने BLO को अपना ID और ADDRESS प्रूफ (या आधार कार्ड )देकर अपने BLO का सहयोग करे अगर आपका वोटर ईडी का वेरिफिकेशन नही हुआ तो आपको वोट डालने से वंचित कर दिया जाएगा *(आपको वोट नही डालने दिया जाएगा)* वोटर आई डी वेरिफिकेशन कराने की अंतिम तारीख *30-09-2019* आप सभी अपने BLO से संपर्क कर अपने व अपने परिवार के आधार कार्ड की फोटोकॉपी BLO को उपलब्ध करवा दे।और अपना आधार कार्ड वोटर कार्ड से लिंक करवाना सुनिश्चित कर ले।। _आपका वोट आपका अधिकार।।

फेसबुक पर सुनील गुप्ता
अंकित प्रधान खंडलाना
मेहरबान अंसारी
अंकुर अग्रवाल
 जैसे कई यूज़र्स ने इस दावे को शेयर और पोस्ट किया है. सभी के दावे में हल्का-फुल्का अंतर है. बाकी कमोबेश, एक ही बात लिखी हुई है. आप इन पोस्ट का आर्काइव
 लिंक
यहां
क्लिक करके
देख सकते हैं.

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वायरल दावा.

पड़ताल

सोशल मीडिया पर किया जा रहा ये दावा बिल्कुल झूठ है. इस दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट चेक की
. हमें वहां ऐसी कोई भी ख़बर नहीं दिखी. जानकारी की पुष्टि करने के लिए हमने चुनाव आयोग की प्रवक्ता शेफाली शरण
 से बात की. उन्होंने इस दावे को फर्ज़ी बताया. शेफाली ने कहा कि चुनाव आयोग ने ऐसा कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किया है. लोगों से इन ख़बरों पर यकीन न करने की अपील भी की.
इस दावे से संबंधित एक संभावना ये भी हो सकती थी कि उन राज्यों में ज़्यादा प्रसारित हो रहा हो जहां अगले कुछ महीनों में चुनाव होने हैं. चुनाव आयोग ने 21 सितंबर को हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान
किया था. इसलिए हमने इन प्रदेशों के वरिष्ठ चुनाव अधिकारियों से बात की. हरियाणा के जॉइट चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर डॉ इंद्रजीत सिंह
से बात की. उन्होंने इस दावे को बिल्कुल झूठ बताया. उन्होंने साफ किया कि हरियाणा के इलेक्शन कमीशन की ओर से ऐसी कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है.
इसके अलावा हमने महाराष्ट्र चुनाव आयोग
के अवर मुख्य चुनाव आयुक्त दिलीप शिंदे से बात की. उन्होंने भी इस दावे को नकार दिया. उन्होंने लोगों से ऐसे वायरल दावों पर विश्वास न करने की अपील की.
इसके अलावा किसी भी बड़े मीडिया संस्थान ने इसे रिपोर्ट भी नहीं किया है. ये ऐसी जानकारी है जो देश के बड़े हिस्से को प्रभावित करती. और अगर ऐसी किसी जानकारी का ऐलान सरकार की ओर से होता तो ये ख़बर ज़रूर बनती.

नतीजा

हमारी पड़ताल में ये दावा झूठ निकला. वोटर कार्ड को आधार कार्ड से लिंक कराने का दावा ग़लत है. चुनाव आयोग ने ऐसी कोई भी गाइडलाइन जारी नहीं की है.
अगर आपको भी किसी दावे पर शक है तो हमें भेजें- padtaallmail@gmail.comपर. हम उस दावे की पड़ताल करेंगे और आप तक सच्चाई पहुंचाएंगे.


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