सानिया मिर्ज़ा बनेगी पहली मुस्लिम महिला फाइटर पायलट, पापा TV मैकेनिक, कही दिल छूने वाली बात!

01:06 PM Dec 29, 2022 | प्रशांत सिंह
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NDA यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी. सेना में अफसर बन देश की सेवा करने वालों के लिए होने वाला एग्जाम. मिर्जापुर की रहने वाली सानिया मिर्जा (Sania Mirza) देश की पहली महिला मुस्लिम फाइटर पायलट (First women Muslim Fighter Pilot) बनने जा रही हैं. सानिया ने UPSC का NDA एग्जाम पास कर ये मुकाम हासिल किया है. सानिया ने एग्जाम में 63वीं रैंक हासिल की है.

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अवनी चतुर्वेदी से प्रेरित थी सानिया

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक सानिया मिर्जापुर जिले के जसोवर इलाके के रहने वाले शाहिद अली की बेटी हैं. शाहिद पेशे से एक टीवी मैकेनिक हैं. अपनी बेटी के इस मुकाम पर सानिया के पिता शाहिद ने कहा,

“मुझे बहुत खुशी है. मेरी बेटी ने पूरे जिले में नाम किया है. वो फाइटर पायलट के रूप में सेलेक्ट हुई है. पूरे देश में दो ही सीट थी. उत्तर प्रदेश में भी उसका नाम है. मैं एक टीवी मैकेनिक हूं. अपने बच्चों के लिए मैंने 14-16 घंटे काम किया है. किसी भी चीज की कोई कमी नहीं होने दी. मेरी बेटी अवनी चतुर्वेदी को देखती थी. वो उससे ही प्रेरित थी.”

रिपोर्ट के मुताबिक सानिया UPSC NDA के 149वें कोर्स के लिए सेलेक्ट हुई हैं. उनकी ट्रेनिंग 27 दिसंबर से खड़कवासला स्थित एकेडमी में शुरू होने जा रही है. अपनी सफलता पर सानिया ने बताया,

“मैं NDA के 149वें कोर्स के लिए सेलेक्ट हुई हूं. 27 दिसंबर को मुझे एकेडमी ज्वाइन करनी है. शुरुआती स्कूलिंग मैंने अपने गांव से की है. मुझे साइंस पढ़ने में रुझान था और बचपन से मैं इंजीनियर बनना चाहती थी. लेकिन गांव के स्कूल में साइंस स्ट्रीम नहीं थी. जिसकी वजह से 11वीं में शहर चली गई. मैंने 12वीं बोर्ड में जिला टॉप किया था.”

सानिया का ज्वाइनिंग लेटर.

फाइटर पायलट की दो सीटों पर हुआ सेलेक्शन

सानिया ने आगे बताया कि वो अवनी चतुर्वेदी से प्रेरित थी. जब पता चला कि वो देश की पहली महिला फाइटर पायलट हैं जो कि 2015 में कमीशन हुई थी. लेकिन उसके बाद से कोई भी महिला फाइटर स्ट्रीम में नहीं कमीशन हुई थी. इसके बाद से ही मैंने फाइटर पायलट बनने का सपना देखा था. फिर NDA की तैयारी शुरू की. NDA में 19 सीट महिलाओं के लिए थी, जिसमें से 2 सीट फाइटर पायलट के लिए थी.

सानिया ने कहा कि मेरे पेरेंट्स ने मुझे पूरा सपोर्ट किया था. सबने मुझे पढ़ने के लिए प्रेरित किया. मैं यही आशा करती हूं कि आगे चलकर लोग मुझसे भी प्रेरणा लेंगे.   

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