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क्या ये खूंखार रणबीर कपूर फ़िल्म देखकर आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे?

सच्चे अर्थों में उनके करियर की ये पहली सच्ची पीरियड - एक्शन फ़िल्म है. घनघोर कमर्शियल प्रोजेक्ट. मार काट, ख़ून खराबा, एक विशालकाय नायक और भीषण युद्ध.

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"शमशेरा" में उनका किरदार. भरा पूरा. दूसरी ओर तुरगुत, जिसके जैसा ही कुल्हाड़ा 'शमशेरा' के हाथ में है. दाढ़ी और बाल भी.

रणबीर कपूर. फ़िल्म उद्योग का नीली आंखों वाला लड़का, जो प्रिंस है लेकिन अब तक सिंहासन नहीं मिला. राज कपूर की लैगेसी है. लेकिन वो सफलता नहीं मिली. लोग प्रोजेक्ट सलेक्शन और एक्टिंग की तारीफ करते हैं लेकिन ग्रेटनेस वाला एक भी प्रोजेक्ट जीवन में नहीं किया. ऐसे में निगाहें भविष्य की ओर हैं. क्या होगा? प्रिंस के हाथ से राजपाट जाएगा. कि कोई जीत मिलेगी. कोई फ़िल्म जो उम्मीद की किरण है?

तीन पार्ट वाली 'ब्रह्मास्त्र' है. इसके डायरेक्टर अयान मुखर्जी ने ही उनको अपनी पिछली कमर्शियल सक्सेस 'ये जवानी है दीवानी' दिलाई. फ़िल्म का सीजी वर्क भी दांतों तले अंगुली दबाने वाला है. लेकिन फ़िल्म प्रडिक्टेबल है. कुछ नया नहीं संभवतः. कुछ कच्चापन नहीं है. सब बहुत प्लास्टिक सा है. हो सकता है कहानी और स्क्रीनप्ले इस कॉस्मेटिक-पने को दूर करके दर्शक को बांधने में सफल हो जाए.

बाकी लव रंजन की फ़िल्म और संदीप रेड्डी वांगा की 'एनिमल' भी हैं. दोनों ही कमर्शियल नाकामी और करियर असुरक्षा के उपजे परिणाम हैं. दोनों ही डायरेक्टर्स के स्त्री विरोधी नजरिए की आलोचना होती रही है, लेकिन दोनों की फ़िल्मों ने कमाई की है. दोनों फिर से कमाई करवा सकते हैं, लेकिन कंटेंट वही होगा ऐसा लगता है क्योंकि वही उनकी सफलता का आधार है. वे सुधारवादी होकर बनाएंगे ऐसा लगता नहीं.

पीछे बचती है एक फ़िल्म जो फिलहाल हर लिहाज से सेफ बेट है. नाम - 'शमशेरा.' एक पीरियड एक्शन फिल्म. तकरीबन 'पुष्पा', 'केजीएफ' और 'आरआरआर' के पीछे चलती हुई. क्योंकि अभी वही सुपर-सक्सेस का बीजमंत्र है. और ये भरोसा फ़िल्म में रणबीर के फर्स्ट लुक पोस्टर से और भी पक्का होता लगता है. उनका लुक बहुत इंटेंस है. 18 जून, शनिवार को ये पोस्टर सोशल मीडिया पर लीक हो गया बताया जाता है. हालांकि ये प्रमोशनल स्ट्रैटजी भी हो सकती है.

इस पोस्टर में रणबीर एक बड़ा सा कुल्हाड़ा लेकर खड़े हैं, कुछ वैसा ही जैसा मशहूर टर्किश सीरीज़ 'दिरिलिसः अर्तुरुल' में तुरगुत के किरदार के हाथ में हमेशा दिखता है. रणबीर का लुक भी बल्की सा है. कपड़े और लंबे बाल, लंबी दाढ़ी नकली नहीं लग रहे जो एक तसल्ली की बात है. नहीं तो पीरियड ड्रामाज़ का कबाड़ा होने में मेकअप, हेयरस्टाइलिंग, कॉस्ट्यूम और प्रोडक्शन डिजाइन से जुड़े चार गलत कदम भर लगते हैं.

फ़िल्म का नाम सुनकर रणबीर के छोटे दादा शम्मी याद आते हैं जिनका असल नाम था - शमशेर.

फिल्म का उप-शीर्षक है - "करम से डकैत, धरम से आज़ाद." इससे पहले ये भी था - “A legend will rise.”

हाल के दौर में डकैतों वाली फ़िल्म के जो सफल अटेंप्ट हुए हैं, उनमें 'सोन चिरैया' का नाम आता है. उसके अलावा अब न तो बीहड़ वाले डकैत रहे, न उनकी कहानियों में ऐसी कोई रुचि है.

'पान सिंह तोमर' भी पसंद की गई क्योंकि वो एक बायोपिक थी और डकैती से ज्यादा एक अंतर्राष्ट्रीय एथलीट और सैनिक की कहानी थी जिसे डकैत बनने को मजबूर होना पड़ता है. ये तिग्मांशु धूलिया का प्रस्तुतिकरण था जिसने उसे 70-80 के दशकों वाली आम dacoit movie नहीं बनने दिया जिसमें घोड़े पर चेस सीक्वेंस होते थे, राइफलों से फायर होते थे. उसके अलावा इरफ़ान के चित्रण ने उनसे नया आयाम दिया. ये विशेष पहलू था.

ऐसे में अब अगर किसी डकैत की कहानी कह रहे हैं तो कमर्शियल स्पेस में तो उसका न पसंद किया जाना तय है. लेकिन अगर जरा पीरियड स्पेस में जाकर ऐसा करेंगे तो कामयाब हो सकते हैं. 'शमशेरा' उसी स्पेस की फ़िल्म लगती है.

इसके डायरेक्टर करण मल्होत्रा की साख क्या है? उनकी पहली फ़िल्म 'अग्निपथ' (2012) थी, मूल फ़िल्म की रीमेक. वो इसे निभा ले गए. दूसरी थी 2015 में आई 'ब्रदर्स' जो अमेरिकी फ़िल्म 'वॉरियर' की रीमेक थी. दो भाइयों की कहानी जो बॉक्सिंग/मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स का मैच लड़ते हैं.  

फ़िल्म क्या है, इसे लेकर यशराज ने 2018 में कहा था, "हमारी इस एक्शन स्पेक्टेकल में रणबीर कपूर और संजय दत्त एक ख़ूनी मुकाबले में आमने सामने होंगे. बड़े परदे पर. शमशेरा एक हाई-ऑक्टेन मसाला फ़िल्म है. आपको अपनी सीट पर बेचैन रखने वाला एडवेंचर. भारत के हार्टलैंड में स्थित इस फ़िल्म में ऐसे एक्शन सीक्वेंस है कि आपका मुंह खुला का खुला रह जाएगा. जैसे आपने पहले कभी नहीं देखे होंगे. इस फ़िल्म में रणबीर, संजय दत्त का मुकाबला करेंगे जो कि एक निर्दयी, क्रूर विलेन बने हैं. शमशेरा में वाणी कपूर की जोड़ी रणबीर के साथ होगी. "

तो क्या है फ़िल्म की असल कहानी? ये 1800 के किसी कालखंड में घटती है. भारत के किसी अंदरूनी हिस्से में. संभवतः काज़ा नाम के एक काल्पनिक नगर में. यहां एक डाकुओं का कबीला रहता है जो अपनी आज़ादी के लिए ब्रिटिश हुकूमत से लड़ता है.

फ़िल्म में रणबीर कपूर का डबल रोल भी बताया जा रहा है. पिता और पुत्र का. उन्होंने एक इंटरव्यू में अपनी मनःस्थिति के बारे में कहा, "शमशेरा ने मुझे वो सब करने दिया है जिसकी मैंने कल्पना भर की थी. ये मेरे लिए बड़ा एक्साइटिंग प्रोजेक्ट है. करण मुझे पूरी तरह अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर ले जा रहे हैं और मैं इस चुनौती का इंतजार कर रहा हूं. शमशेरा एक ऐसी फ़िल्म है जिसे मैं ढूंढ रहा था. जब मैं बच्चा था और हिंदी कमर्शियल सिनेमा देखा करता था तब मेरे मन में एक इमेज थी कि एक हीरो को क्या करना चाहिए। शमशेरा वही है."

'अग्निपथ' में डायरेक्टर करण मल्होत्रा ने अपने नायक के सामने कांचा चीना और रौफ लाला जैसे खौफ़नाक और घृणित विलेन खड़े किए थे. कमर्शियल फ़िल्मों में कहानी का हुक आपकी इसी कामयाबी पर निर्भर करता है. शमशेरा में भी विलेन संजय दत्त हैं. आशुतोष राणा भी संभवतः हैं, लेकिन ज्ञात नहीं वे बुरे व्यक्ति बने हैं कि भले. लेकिन करण ने कहा है कि चूंकि शमशेरा का किरदार बहुत ही निर्भीक, बहादुर और खरतनाक है.. ऐसे में उसका शत्रु या विलेन भी उससे ज्यादा खतरनाक और विशालकाय होना होगा. और इसमें संजय दत्त से बेहतर विकल्प भला क्या हो सकता था.  

फ़िल्म 22 जुलाई 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

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