'पठान' देखकर लगा कि इस फिल्म से सबसे तगड़ा फायदा जॉन अब्राहम को होने वाला है

02:58 PM Jan 25, 2023 | श्वेतांक
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Pathaan से चार साल के बाद Shahrukh Khan की वापसी हो चुकी है. मगर फिल्म में शाहरुख खान ने वही किया, जो हीरो करते हैं. असली मजमा लूटा है John Abraham ने. जॉन अब्राहम की इमेज कभी एक्टर वाली नहीं रही. वो स्टार माने जाते रहे हैं. जो बढ़िया एक्शन कर लेता है. मगर 'पठान' नाम की इस एक्शन फिल्म में उन्होंने अपने काम को एंजॉय किया है. ये चीज़ उनकी इस परफॉरमेंस को करियर बेस्ट बनाती है.

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(आगे स्पॉइलर्स हैं, फिल्म देखने से पहले न पढ़ें तो बेहतर.)

जॉन अब्राहम ने फिल्म में जिम नाम का किरदार निभाया है. सेंसर बोर्ड ने 'पठान' फिल्म में कुछ काट-छांट की मांग की थी. उससे ये तो पता चल चुका है कि जिम पहले RAW का एजेंट था. मगर ट्रैजिक बैकस्टोरी की वजह से उसने एजेंसी छोड़ दी. अब वो बिज़नेस करता है. उसकी कंपनी/आउटफिट का नाम है- X. जो दुनियाभर के आतंकवादी संगठनों से पैसे लेकर अलग-अलग जगहो पर अटैक करती है. 'पठान' में उसको इंडिया पर एक अटैक करने के लिए किसी ने हायर किया है. इसलिए वो पठान का दुश्मन और फिल्म का विलन बन जाता है.

शाहरुख खान पर ये प्रेशर था कि उन्हें हर वो मेनस्ट्रीम चीज़ करनी है, जिससे उनकी फिल्म चल जाए. जॉन अब्राहम पर ऐसा कोई प्रेशर नहीं था. इसलिए वो पूरी पिक्चर में अपना काम बड़े चाव से करते हैं. खूब मजे लेकर. इसलिए वो सलमान के कैमियो के बाद इस फिल्म की सबसे बड़ी हाइलाइट बन जाते हैं. अगर आप 'अच्छे एक्टर' नहीं माने जाते, तो किसी को कुछ साबित करने की बजाय आप अपने काम को एंजॉय करना शुरू कर देते हैं, तो गेम बदल जाता है. उस काम को करके आपको भी मज़ा आता है और उसे देखने के बाद दर्शक को भी. 'पठान' में जॉन अब्राहम ने यही चीज़ की है. प्लस वो शाहरुख खान के सामने परफॉरमेंस वाइज़ भी कमज़ोर नहीं पड़ते. दबते नहीं. 

'पठान' जो फिल्म है, ये पूरी तरह से शाहरुख खान के लिए डिज़ाइन की गई है. हर सीन से लेकर सीक्वेंस और डायलॉग का चुनाव बड़े करीने से किया गया, ताकि वो फैंस को पसंद आए. 'पठान' शाहरुख खान के स्टारडम का सेलिब्रेशन है. जॉन अब्राहम फिल्म में सिर्फ इसलिए रखे गए हैं, ताकि पठान के सामने एक मजबूत विलन खड़ा किया जा सके. जो पठान से न सिर्फ फिज़िकली ज़्यादा शक्तिशाली हो, बल्कि चूहे-बिल्ली वाले खेल में भी उसे मात देने का माद्दा रखता हो. फिल्म का विलन जितना सशक्त होगा, वो हीरो को उतना ही मजबूत करेगा है. ये चीज़ जॉन अब्राहम का निभाया जिम का किरदार 'पठान' के लिए करता है. और बहुत कन्विंसिंगली करता है. 

कूल, पावलफुल विलन, जो माइंड गेम में हमेशा हीरो से चार कदम आगे रहता है. फिल्म देखते हुए एक से ज़्यादा मौकों पर लगता है कि जिम, पठान पर भारी पड़ रहा है. खासकर हैंड टु हैंड कॉम्बैट सीन्स में. मगर आपको पता है कि हिंदी सिनेमा और उसकी ऑडियंस अभी इतनी ग्रो नहीं हुई कि किसी सुपरस्टार को फिल्म के विलन से हारते देखना स्वीकार कर सके. इसलिए अपने को औसत और कम यकीनी फिल्मों से संतोष करना पड़ता है. 'पठान' वही फिल्म है.   

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