VIDEO: कुत्ते की हत्या की, घसीटकर नाले में फेंका, अब इतने दिन में जेल में रहना पड़ सकता है!

01:10 PM May 26, 2023 | ज्योति जोशी
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उत्तर प्रदेश के लखनऊ (Lucknow) से एक परेशान करने वाला वीडियो सामने आया है. उसमें एक शख्स कुत्ते के शव को रस्सी से बांधकर घसीटता दिख रहा है. आरोप है कि शख्स ने ही कुत्ते की हत्या (Street Dog Killed) की और फिर उसके शव को लगभग 100 मीटर तक घसीटा. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. आरोपी शख्स की पहचान कर ली गई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला बाजार खाला थाना क्षेत्र के नौबस्ता इलाके का है. आरोपी शख्स की पहचान पप्पू के तौर पर हुई है. उसने एक रिक्शा चलाने वाले के साथ मिलकर कथित तौर पर गली के आवारा कुत्ते की हत्या की. स्थानीय लोगों का आरोप है कि शव को घसीटने के बाद उसे गहरे नाले में फेंक दिया गया. वायरल हो रहा पशु क्रूरता का ये वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है.

वीडियो में दिख रहा है कि रात के वक्त एक शख्स कुत्ते के शव को बांधकर घसीट रहा है. आरोपी के पीछे-पीछे एक बुजुर्ग शख्स हाथ में डंडा लिए चलता नजर आ रहा है. क्षेत्र के ADCP चिरंजीवी नाथ सिन्हा ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है और आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.

पहले भी कई मामले सामने आए

इससे पहले, मार्च में एक वीडियो मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आया था. उसमें एक शख्स एक पिल्ले को बेरहमी से मारता हुआ नजर आया था. उस शख्स ने बेजुबान जानवर को इतना पीटा कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई था. शख्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी. 

इससे पहले, सितंबर 2021 में ओडिशा से एक मामला सामने आया. जहां एक दुकानदार ने कुत्तों के भौंकने से परेशान होकर उन्हें जहर मिलाकर खाना खिला दिया, जिसके बाद 20 कुत्तों की मौत हो गई थी. जानवरों से क्रूरता को लेकर इस तरह के कई मामले लगातार सामने आते रहे हैं.

जानवरों से क्रूरता पर कितनी सजा?

IPC की धारा 429 के मुताबिक अगर किसी जानवर की हत्या की जाती है, उसे जहर दिया जाता है या फिर अपाहिज किया जाता है तो दोषी पाए जाने पर पांच साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों सजा हो सकती हैं. इसके अलावा पशु क्रूरता निवारण कानून की धारा 11 (1) (L) के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति किसी जानवर के हाथ-पैर काटता है या क्रूर तरीके से उसकी हत्या करता है तो दोषी को तीन महीने की कैद या जुर्माना या दोनों सजा हो सकती हैं. 

संविधान का अनुच्छेद 51 (A) (g) कहता है कि हर जीवित प्राणी के प्रति सहानुभूति रखना हर नागरिक का मूल कर्तव्य है. यानी, हर नागरिक का कर्तव्य है कि वो वो पर्यावरण और प्रकृति का संतुलन बनाए रखे.

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