IIT-JEE नकल मामले में रूसी हैकर पकड़ा गया, 820 छात्रों का पेपर सॉल्व करवाया था

09:29 PM Oct 04, 2022 | धीरज मिश्रा
Advertisement

IIT-JEE की परीक्षा में नकल के मामले में एक रूसी नागरिक पकड़ा गया है. उसने कथित तौर पर सिस्टम हैक करके 820 छात्रों को 2021 की JEE मेन्स परीक्षा में नकल करवाई थी. 

Advertisement

एनडीटीवीकी रिपोर्ट के मुताबिक, CBI ने 4 अक्टूबर को दिल्ली की एक अदालत में 25 साल के रूसी हैकर मिखाइल शर्गिन को पेश किया. कोर्ट ने मिखाइल को दो दिन के लिए CBI की हिरासत में भेजा है.

रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर, 2021 में 9 लाख से ज्यादा छात्रों ने निर्धारित कंप्यूटर सेंटर्स पर जेईई की परीक्षा दी थी. इन जगहों पर तमाम सुरक्षा उपाय भी किए गए थे. हालांकि मिखाइल शर्गिन ने कथित तौर पर इन सिस्टम को हैक कर लिया, जिससे छात्रों ने अपने जानने वालों को प्रश्नों का एक्सेस दे दिया, जिन्होंने किसी और जगह से उनका पूरा पेपर हल कर दिया.

दूसरे शब्दों में कहें तो इन कंप्यूटर सेंटर्स से बाहर 'टीचरों' या 'सॉल्वर्स' को इसका एक्सेस मिल गया और उन्होंने छात्रों की ओर से सभी सवालों के जवाब भर दिये. इस मामले में अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

शर्गिन को 3 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया, जब वह कजाकिस्तान से भारत आया था. CBI ने कहा कि वह जांच अधिकारियों के साथ सहयोग नहीं कर रहा था. एजेंसी ने कहा,

'वह एक प्रोफेशनल हैकर है और उसने iLeon सॉफ्टवेयर को हैक किया था.'

इस सॉफ्टवेयर को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (TCS) ने तैयार किया था. वहीं शर्गिन ने कोर्ट से कहा कि यदि CBI उसके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच करना चाहती है तो वह उसकी मौजूदगी में होनी चाहिए. CBI ने कोर्ट से मांग की कि आरोपी को यह निर्देश दिया जाए कि वह यूजरनेम और पासवर्ड शेयर करे.

CBI की जांच में अब तक पता चला है कि कुछ छात्रों को हरियाणा के सोनीपत स्थित एग्जाम सेंटर से 'रिमोट एक्सेस' मिल गया था. शुरुआत में ये पता चला था कि 20 छात्रों ने नकल की है, जिन्हें परीक्षा से निकाल दिया गया था और तीन सालों के लिए निलंबित कर दिया गया था. बाद में कुछ और छात्रों द्वारा नकल करने का मामला सामने आया था.

इसे लेकर CBI ने केस दर्ज किया था, जिसने कई शहरों में छापेमारी की और कई लैपटॉप तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस जब्त किए. इसी आधार पर मिखाइल शर्गिन को पकड़ा गया है और साथ ही अन्य तथ्य भी निकलकर सामने आ रहे हैं. इस मामले में कई विदेशी नागरिकों के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है.


खर्चा-पानी: क्या ये बैंक हम सबको ले डूबेगा?

Advertisement
Next