सर्दियों में ठंडे पानी से मत नहाना, हार्ट अटैक आ सकता है!

09:32 PM Jan 17, 2023 | सरवत
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(यहां बताई गईं बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

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वैसे तो ठंड के मौसम में ज़्यादातर लोग गर्म पानी से ही नहाते हैं. लेकिन हैं कुछ दिलेर, जो ठंड में भी ठंडे पानी से नहाना पसंद करते हैं. ऐसा न करें. इसलिए नहीं क्योंकि आपको सर्दी, ज़ुकाम हो सकता है. बल्कि इसलिए क्योंकि आपको हार्ट अटैक (Heart Attack) पड़ सकता है. जी हां, सही सुन रहे हैं. सर्दियों में ठंडे पानी से नहाने से हार्ट अटैक पड़ सकता है. आजकल आप ख़बरें सुन रहे होंगे कि हर आए दिन किसी न किसी को हार्ट अटैक पड़ रहा है. सर्दियों के मौसम में हार्ट अटैक के मामले वैसे भी बढ़ जाते हैं. ये साबित भी हो गया है. अब ऐसा क्यों होता है और ठंडे पानी से आपको क्यों बचकर रहना चाहिए, जानते हैं डॉक्टर्स से.

खतरा क्यों बढ़ जाता है?

ये हमें बताया डॉक्टर अमित भूषण शर्मा ने.

-ऐसा माना गया था कि ठंडा पानी सेफ़ होता है

-टेंशन से छुटकारा मिलता है

-लेकिन इसका कोई भी साइंटिफिक प्रूफ़ नहीं है

-उल्टा इसके काफ़ी नुकसान हैं

-अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर है, डायबिटीज है, हार्ट अटैक के पेशेंट हैं या ब्रेन स्ट्रोक आ चुका है

-तो ठंडे पानी से नहाना आपके लिए ख़तरनाक हो सकता है

-इससे ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट स्ट्रोक हो सकता है

कारण

-ठंडे पानी से एकदम से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है

-रक्त प्रवाह (ब्लड फ्लो) कम हो जाता है

-धमनियां सिकुड़ जाती हैं

ठंडे पानी से एकदम से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है

-अगर चर्बी की वजह से धमनी सिकुड़ी हुई है तो ठंड से और ज़्यादा सिकुड़ जाएगी

-इससे ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट स्ट्रोक पड़ सकता है

-इसलिए ठंड के मौसम में हार्ट और ब्रेन स्ट्रोक के पेशेंट काफ़ी बढ़ जाते हैं

-हार्ट अटैक के पेशेंट बढ़ जाते हैं

-जैसे गर्मियों में डायरिया, डेंगू आम होता है

-ठंड को हार्ट का सीज़न माना जाता है

-क्योंकि ठंड से दिल की धमनियां सिकुड़ जाती हैं

-ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है

-शुगर बढ़ सकती है

-हार्ट अटैक आने का रिस्क 5 गुना ज़्यादा बढ़ जाता है

कैसे बचें

-सर्दियों में ख़ुद को अच्छे से कवर कर के रखें

-गला ढककर रखें

-कान ढककर रखिए

-सुबह-सुबह वॉक करना अवॉइड करें

अगर चर्बी की वजह से धमनी सिकुड़ी हुई है तो ठंड से और ज़्यादा सिकुड़ जाएगी

-जब धूप निकल आए तब सैर पर जाइए

-अपने पल्स, ब्लड प्रेशर, फ़ास्टिंग ब्लड शुगर, वॉकिंग डिस्टेंस के नंबर याद रखें

-इनका चार्ट बनाइए

-देखिए कि ये नंबर बढ़ तो नहीं रहे

-अगर पल्स, शुगर, ब्लड प्रेशर बढ़ रहे हैं तो सतर्क रहें

-कोई भी प्रॉब्लम एकदम से नहीं बढ़ती

-अगर दिक्कत बढ़ रही है तो इसकी रोकथाम करें

-डाइट का ध्यान रखें

-अवॉइड फ़ास्टिंग, अवॉइड फीस्टिंग

-यानी थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ खाते रहें

-खाने की मात्रा कम रखें

-चावल ले रहें तो 50 ग्राम लें

-दाल ले रहे हैं 100 ग्राम लें

-नॉन-वेज में 100 ग्राम मछली लें

-150 ग्राम चिकन लें

-डाइट को नियंत्रित करिए

अपने पल्स, ब्लड प्रेशर, फ़ास्टिंग ब्लड शुगर, वॉकिंग डिस्टेंस के नंबर याद रखें

-शराब अवॉइड करिए

-स्मोकिंग अवॉइड करिए

-एक्सरसाइज ज़रूर करिए

-जितनी एक्सरसाइज करेंगे, शरीर का तापमान उतना ज़्यादा बढ़ेगा

-खून की धमनियां खुलेंगी

-एक्सरसाइज, ब्रीदिंग एक्सरसाइज, योगा, प्राणायाम, जिम वगैरह कर सकते हैं

-जिम में हद से ज़्यादा एक्सरसाइज न करें

-यानी एक घंटे में 10 घंटे की एक्सरसाइज न करें

-बहुत हैवी वेट जिम में न उठाएं

-अपना टारगेट जानिए

-क्योंकि ठंड में दिल की धड़कन बढ़ सकती है

-टारगेट हार्ट रेट का मतलब होता है 220-उम्रx85%

-ठंड में टारगेट हार्ट रेट बढ़ सकता है

-ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है

-कार्डियक अरेस्ट का ख़तरा हो सकता है

सर्दियों में हार्ट अटैक ज़्यादा क्यों पड़ते हैं, इसका जवाब तो आपको मिल गया. इसलिए जितना हो सके, इस मौसम में नहाने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें. ठंडे पानी से बचें. 

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