गूगल पर स्पेलिंग चेक करते हैं तो बड़ी मुसीबत हो जाएगी, सावधान रहिए!

07:58 PM Sep 22, 2022 | सूर्यकांत मिश्रा
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याद कीजिए वो जमाना, जब किसी शब्द की सही स्पेलिंग चेक करने के लिए मोटी सी डिक्शनरी खोलनी पड़ती थी. उंगलियों को पन्नों पर ऊपर नीचे सर्र करने पर सही-सही स्पेलिंग का पता चलता था. फिर आया गूगल (Google) बाबा. ऐसा बाबा जिसको सब पता था. स्पेलिंग और किसी भी शब्द का अर्थ पता करने का सबसे बड़ा साधन. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी, अगर आप गूगल क्रोम पर कोई स्पेलिंग चेक करते हैं तो एक बड़ी मुसीबत आपका इंतजार कर रही है.

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हम आपको डरा नहीं रहे, बल्कि Bleeping Computer ने बाकायदा इसकी खोजबीन की है. गूगल को लेटर लिखकर तस्दीक भी की है. वैसे इस पूरी फिल्म में तीन अहम किरदार हैं. लास्टपास (LastPass), गूगल क्रोम और ब्लीपिंग कंप्यूटर. क्या हुआ है इस फिल्म में और कौन है असली विलेन. हम बताते हैं.

किरदार नंबर वन- गूगल क्रोम 

गूगल क्रोम मतलब एक फीचर पैक ब्राउजर. दुनिया जहान की लगभग आधी आबादी बोले तो 3.2 बिलियन लोग इसका इस्तेमाल करते हैं. इसमें एक फीचर होता है स्पेल चेक. स्पेल चेक दो तरह के होते हैं. पहला स्टेंडर्ड और दूसरा एन्हैन्स्ड (enhanced spell check). अब नाम से पता चल जाता है कि ये फीचर स्पेलिंग चेक करने के लिए स्टेंडर्ड से बढ़िया टूल है. अगर आप फीचर का इस्तेमाल करके कोई स्पेलिंग चेक करते हैं, तो गूगल पहले ही बता देता है कि भैया इसका पूरा लेखा जोखा गूगल के पास रहेगा. खुला खेल फर्रुखाबादी टाइप.

कहने का मतलब, अमूमन इसके इस्तेमाल से परहेज करना चाहिए. क्योंकि जो आपने जानते हुए भी ऐसा किया, तो आपका यूजर नेम और पासवर्ड भी गूगल के पास जाएगा. मतलब हर बार नहीं, लेकिन कई बार ऐसा हो सकता है वो भी भी डिक्रिप्ट किया हुआ. अभी तक तो ऐसा होता है कि पासवर्ड के बारे में गूगल को कुछ पता नहीं होता क्योंकि वो तो एनक्रिप्ट किया हुआ होता है. मतलब ऐसा गूगल बोलता है.

एन्हैन्स स्पेल 

अब चलते हैं एक और फीचर पर. आप जब भी क्रोम पर कोई पासवर्ड डालते हैं, तो ठीक नीचे एक चेक बॉक्स होता है जिसमें लिखा होता है, शो पासवर्ड (show password). बढ़िया फीचर है, जो आप पहली बार पासवर्ड डाल रहे तो आपको दिखता रहेगा आपने क्या एंटर किया. दूसरा, अगर गलत पासवर्ड डाल रहे तो भी दिख जाएगा. लेकिन खराबी यहां भी मिली है. जो आप शो पासवर्ड पर क्लिक करते हैं, तो हो सकता है कि ये भी गूगल के पास पहुंच जाए.

किरदार नंबर दो- लास्ट पास

कुछ दिनों पहले खबर आई थी की लास्ट पास के साथ हैकिंग हुई है और उसके कई सारे अकाउंट डिटेल लीक हो गए हैं. लास्ट पास एक पासवर्ड मैनेजर कंपनी है, जो पासवर्ड कीपर से लेकर VPN सर्विस मुहैया कराती है. कंपनी ने माना है कि पासवर्ड दिखने वाला जो प्रोसेस है, उसमें बड़ा लूपहोल है और कंपनी ने इसको अपने स्तर पर ठीक किया है. उन्होंने ब्लीपिंग कंप्यूटर को ये कनफर्म किया है.

किरदार नंबर तीन- ब्लीपिंग कंप्यूटर

ब्लीपिंग कंप्यूटर,इनका तो काम ही है ऐसे लूप होल्स पता करना. अक्सर जब भी कोई सायबर सुरक्षा से जुड़ा मामला आता है, तो ये कंपनी का नाम आसपास होता है. जब लास्ट पास के साथ कांड हुआ, तो इसने गहराई में जाकर खोजबीन की. इनको ही पता चला कि एन्हैन्स्ड स्पेल चेक और शो पासवर्ड में तकनीकी दिक्कत है. उन्होंने बाकायदा गूगल से इसके बारे में पूछा भी. और उम्मीद के मुताबिक गूगल ने ये कहकर पल्ला झाड़ लिया कि ये फीचर तो ऑप्शनल है. हमने कौन सा इसको बाइ डीफॉल्ट इनेबल कर रखा है.

किरदार हमने आपको बता दिए. अब फैसला आप कर लो कि असली विलेन कौन है. वैसे ब्लीपिंग कंप्यूटर के मुताबिक, ऐसे लूपहोल माइक्रोसॉफ्ट एडिटर ब्राउजर एक्सटेनशन से लेकर फेसबुक में देखी गए हैं. और हां, अगर गूगल पर स्पेलिंग चेक करते हैं, जो कि करते ही होंगे तो देख लीजिए.  


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